UPI New Rule 2026: UPI यूजर हो जाएं साबधान! UPI पर 5 नए नियम जारी ग्राहकों को जोर का झटका 

UPI New Rule 2026 : अगर आप भी यूपीआई से डिजिटल पेमेंट करते हैं तो आप लोगों के लिए बहुत बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही है। सरकार के द्वारा एक नया नियम लागू किया गया है। जो हर यूपीआई यूजर को पता होना चाहिए। अगर आप इस नए नियम को नहीं जानते हैं तो भविष्य में बुरी तरह से फंस सकते हैं। क्योंकि पूरे देश में यूपीआई पर नया नियम लागू हो चुका है। जिसका मुख्य उद्देश्य है सुरक्षा के साथ-साथ यूपीआई से लेनदेन को और भी तेज और भरोसेमंद बनाना। और इसका असर पूरे भारतीय यूपीआई यूजर पर पढ़ सकती है। तो चलिए विस्तार से जानते हैं सरकार के द्वारा क्या-क्या नियम में बदलाव किया गया है।

UPI New Rule 2026 क्या है नया नियम 

यह नया नियम 15 फरवरी 2026 से लागू हो सकता है।यह नियम यूपीआई और केंद्र सरकार ने मिलकर लेनदेन की प्रक्रिया को और भी आसान बनाने के लिए बनाया है। इस नियम को लागू होने के बाद लेनदेन की प्रक्रिया और भी सुरक्षित और तेज हो जाएगी। इससे छोटी और बड़ी दोनों तरह के ट्रांजैक्शन के लिए लिमिट वेरिफिकेशन और सुरक्षा फीचर्स अपडेट किया जाएगा। ताकि आने वाले समय में धोखाधड़ी और फ्रॉड जैसी समस्या को कम किया जा सके और लोगों को ऐसी समस्याओं से बचाया जा सके।

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 नए नियम के फायदे

भारत में यूपीआई की बढ़ती लोकप्रियता और फरवरी 2026 में 18.4 अरब लेन-देन के साथ 24 लाख करोड रुपए के ट्रांजैक्शन के कारण, कई बार बाधाएं तो आ सकती है। लेकिन नए नियमों का मुख्य लक्ष्य है कि सिस्टम को सुरक्षा और बेहतरीन बनाना है। ताकि यूपीआई ऐप्स जैसे कि गूगल पर फोन पर और भीम यूपीआई पर समान रूप से नियम लागू हो सके।

बैलेंस चेकिंग में नई सीमाएं

ग्राहकों की जानकारी के लिए बताते चले की यूपीआई का यह नया नियम के तहत बैलेंस चेकिंग पर भी एक लिमिट तय की गई है जिसमें सरकार के गाइडलाइंस के अनुसार कहा गया है। की ग्राहक अब किसी भी यूपीआई एप्स पर प्रतिदिन 50 बार ही अपने बैलेंस की चेकिंग कर सकते हैं। अगर यूजर इससे अधिक बैलेंस की चैकिंग करता है, तो बैंक के द्वारा बैलेंस की चेकिंग की प्रक्रिया पर लिमिट लगा दी जाएगी।

UPI ट्रांजैक्शन स्टेटस चेकिंग में बड़ा बदलाव

नए नियमों के तहत ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक करने पर भी सरकार द्वारा नियंत्रित लगाया गया है। आप किसी भी पेंडिंग पेमेंट या ट्रांजैक्शन का स्टेटस केवल यूजर 3 बार ही देख सकेगा। हर बार चेक करने की बीच कम से कम 90 सेकंड का अंतराल होना अनिवार्य है जबकि पहले सरकार द्वारा इस नियम पर कोई भी सीमा नहीं थी।

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